अतीत जो कभी वर्तमान हुआ करता था
न अजर है न अमर है
बस यादें ही शेष हैं
यादें भी अमर कहाँ
खत्म हो जाएँगी
काल के रूप से
तन के संग साथ ही ,
अमर तो कुछ भी नहीं
तब कालजई कौन हुआ ?
खुद काल भी तो कालजयी न हुआ
आज जो वर्तमान है
कल वो अतीत बन के
अँधेरे के गर्त में खो जायेंगा
अतीत जो कभी वर्तमान हुआ करता था !!!!!!!! नीरजा
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