जीवन
जीवन एक दिखावा
एक ख़ामोशी
एक घुटन
खोखली सी हंसी
आंसूओं का इंधन
धीमे धीमें सुलगते रहना
कुछ पाने की चाह में
नया इन्द्रधनुष
नया इन्द्रधनुष
आकाश में ढूदते रहना
क्या नए रंग फीके रंगों को
खुद में समेट पाएंगे
क्या इन रंगों के बिना
वह अक्स अधूरे नहीं रह जायेंगे
क्यूँ अब इस बेरंगी खोखली
खामोश रंगहीन जिन्दगी को
सही मायने दिए जायें.......
नीरजा
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