बुधवार, 4 अप्रैल 2012



एक प्यार भरी मुलाकात 

वो भीड़ भरी महफ़िल में

 उनका अचानक यूँ चले आना 

वो धीमे से करीब आ कर 

कंधे पे हाथ रख देना 

नयनो का नयनो से मिलन 

और आँख का भर जाना 

प्यार मे लबों का थरथराना

वो आगे बढ के तुम्हारा 

आगोश में भर लेना

वो साँसों की महक 

लो आ गया हूं मैं तुम्हारे लिए

मगर जानती हूं यह कुछ पल हैं मेरे हिस्से में 

और तुम लौट जाओगे अपनी दुनिया में 

दे दो एक नयी जिन्दगी मुझको इन पलों में 

जी लूं मैं इन लम्हों को 

जो आज के बाद यादें बन जायेंगे 

और हर रात मुझे जीना होगा तुम्हारी धरोहर के साथ 

और हर रात मुझे जीना है तुम्हारी धरोहर के साथ !!!!!!!!

                                            नीरजा 

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